Dark Truth of Indian EV Scooters | How Indian Brands are Selling Rebadged Chinese EVs

Made In India यह सुनते ही हमारे दिमाग में एक अलग ही देशभक्ति जाग जाती है। और प्रोडक्ट कैसा भी हो, एक पॉजिटिव Vibes आती है। लेकिन अगर मैं यह कहूं? कि Made In India  के नाम पर हमारा काटा जा रहा है। तो आपको शायद दुख तो होगा ही पर इसी शब्द का ही इस्तेमाल Two-wheeler EV's बनाने वाली ज्यादातर भारतीय कंपनियां हमें उल्लू बनाने के लिए कर रही हैं। क्योंकि Made In India के नाम पर हमें चाइना का माल चिपका दिया जाता है। तो फिर चलिए हम पूरे प्रूफ के साथ जानते हैं। EV Revolution के इस Dark साइड को।

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दोस्तों इंडिया में इस टाइम Bajaj, Tvs, Ola Electric, Tata Motors, Hero Electric और Okinawa जैसे करीब 380 इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स हैं। और इन मैन्युफैक्चरिंग में तो कई सारे ऐसे नाम शामिल है, जिन्हें कि आपने पहले कभी सुना भी नहीं होगा। लेकिन इसके बावजूद भी यह कंपनीज बहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ काफी बड़ी। संख्या में अपनी EV's मार्केट में लॉन्च कर रही है।
 
अब सवाल यह उठता है, कि आखिर क्या वजह है कि बिल्कुल नई नई कंपनीज भारत की EV's सेक्टर में धड़ल्ले सेंटर कर रही हैं। और क्यों कोई भी ICE Based व्हीकल बनाने में इंटरेस्ट नहीं दिखा रहा हैं? ICE बोले तो Internal Combustion Engine जो कि अभी तक हम आम तौर पर अपनी लाइफ में यूज़ करते आए हैं। 

असल में भारत के अंदर EV's कंपनीज के बाढ़ आने के पीछे के दो मेन रिजंस हैं, जिसमें से पहला है। EV's का कॉस्ट इफेक्टिव होना यानी कि EV's की मैन्युफैक्चरिंग ICE Based व्हीकल के मुकाबले बहुत ही आसानी से और कम खर्च में हो जाती है।


अब अगर हम एक ICE Based कार की मैन्युफैक्चरिंग देखें तो फिर उसे बनाने में 30 हज़ार से भी ज्यादा PARTS का इस्तेमाल होता है, और कुछ इसी तरह से एक Two-wheeler को भी बहुत सारे छोटे बड़े पार्ट से कंबाइन करके बनाया जाता है। लेकिन इन Wheeler को बनाने में जो सबसे मुश्किल टास्क है, वह है। इनका इंजन बनाना और भारत शुरुआत से ही एक सफल ICE Based इंजन बनाने में काफी पीछे रहा है क्योंकि शुरुआत से ही ज्यादातर भारतीय कंपनियां बॉडी तो खुद बना लेती थी, लेकिन इंजन बाहर के देशों ही से इंपोर्ट करती थी। 

यहां तक कि भारत के टॉप कार या फिर बाइक मैन्युफैक्चर जैसे Tata, Mahindra और Hero ने भी अपनी शुरुआत बाहर के देशों से ही इंजन इंपोर्ट करके की थी। और 1984 में जो Hero ने जापानी कंपनी Honda के साथ हाथ मिलाया था। वह भी इंजन के लिए ही था। हालांकि आज के टाइम पर ऐसा नहीं है कि इंडिया में इंजन बनाया ही नहीं जाता। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि भारत की बहुत कम कंपनीज ऐसी हैं जो कि एक हाई क्वालिटी इंजन बनाने में कामयाब हुई है। 

और यही वजह है कि काफी सालों से हमने ICE Based कार बनाने वाली किसी भी नई कंपनी को इस इंडस्ट्री में एंटर करते हुए नहीं देखा। और छोटी तो छोड़िए बड़ी बड़ी कंपनीज भी इस
फिल्ड में एंटर करने से कतराती रहती है। लेकिन वही इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनीज भारत के अंदर बहुत तेजी से पैर पसारती नजर आई हैं। और इसकी मेन वजह है कि EV बनाने में बहुत ही कम की कंपोनेंट्स लगते हैं।


अब अगर हम इलेक्ट्रिक स्कूटर की बात करें तो उसके अंदर आम तौर पर सिर्फ 5 से 7 मेन कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें मोटर, बैटरी और कंट्रोल वगैरह शामिल है। इस तरह EV's को बनाने में लागत तो कम आती ही है, साथ ही ICE Based व्हीकल के कंपैरिजन में मेहनत भी बहुत कम लगती है। और यह व्हीकल बहुत ही जल्दी मैन्युफैक्चर होकर सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। यही वजह है कि बहुत जल्दी जल्दी हम मार्केट के अंदर नई-नई EV's को लॉन्च होते हुए देख रहे हैं।

इसके अलावा EV सेक्टर में नई कंपनियों की भीड़ लगने के दूसरे रीजन के अगर बात करें तो वह है Chinese इंपोर्ट अब चीन प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग के मामले में भारत से कितना आगे है। यह तो हम सभी जानते हैं और अगर हम बात करें। इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोड्यूस करने की तो उसमें भी चाइना नंबर वन पोजीशन पर आता है। 

जहां साल 2020 में उसने लगभग 4 करोड 83 लाख और 2021 में 5 करोड़ 37 लाख इलेक्ट्रिक Two-wheeler सेल किए थे। अब जाहिर सी बात है कि चाइना इतनी बड़ी संख्या में स्कूटर बनाकर उन्हें सिर्फ अपनी मार्केट में तो बेचेगा नहीं। ऐसे में चाइना अपनी इन EV's को दुनिया के और भी कई सारे देशों में एक्सपोर्ट करता है अब चाइना दो तरीके से अपनी इन EV's को दूसरे देशों में बेचता है

 

जिसमें पहला है OEM यानी की Original Equipment Manufacture के जरिए इसमें जो ओरिजिनल Chinese मैन्युफैक्चरर होते हैं, वह बड़ी संख्या में EV's बना कर सीधे दूसरी कंपनी को बेच देते हैं जिसके बाद से वह कंपनीज इन पर अपना ठप्पा लगाकर मार्केट में इन्हें अपने ब्रांड के नाम से सेल करती है और वही दूसरा तरीका है कि चाइनीज कंपनी अपने खुद के ब्रांड नेम पर दूसरे देशों में अपनी EV's लॉन्च करती है। अब जब भी हम कोई Chinese ब्रांड नेम देखते हैं तो हमें पता होता है कि यह चाइना में ही मैन्युफैक्चर हुआ है।

लेकिन शायद आपको जानकर हैरानी होगी कि कई ऐसी इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनीज भी है।जोकि कंपलीटली Made In India और स्वदेशी के नाम से अपने ब्रांड को प्रमोट तो करती हैं, लेकिन उनके इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भी चाइना से ही बनकर आते हैं। यानी कि बस चाइना से इंपोर्ट किए हुए Parts असेंबल किया। अपना लोगो लगाया और मार्केट में उतार दिया। 

लो बन गया Made In India  इलेक्ट्रिक व्हीकल अब देखिए दोस्तों वैसे तो हम बहुत छोटी कंपनी से कुछ खास उम्मीद तो नहीं करते कि वह अपनी इन हाउस प्रोडक्शन करेंगे, लेकिन भारत में बेचे जाने वाले टॉप कंपनीज पर भी चाइनीज EV's बेचने का ही आरोप लगता रहा है। अब जुलाई 2022 के अकॉर्डिंग टॉप टेन बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक Two-wheeler मैन्युफैक्चरर कि आप लिस्ट देख सकते हैं।

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देख लिया अब अगर मैं आपसे यह कहूं कि Hero Electric और Okinawa जैसे Reputed Brand जोकि टॉप टू में आते हैं उन पर भी आरोप लगते रहे हैं कि वे अपने कुछ EV's चाइना की ही कंपनी से इंपोर्ट करते हैं। है ना हैरान करने वाली बात actually फेमस वेबसाइट Autocar इंडिया के अकॉर्डिंग Hero Electric Ae29 का लुक चाइना के एक स्कूटर से काफी हद तक मिलता है। 

बस यहां आपको सिर्फ़ कलर में चेंज देखने को मिलेंगे। वहीं अगर हम बात करें। Okinawa की तो उसके ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर चाइना की Luyuan कंपनी से काफी हद तक मिलते हैं।
अगर हम Okinawa Cruiser को देखें तो वो Luyuan lev 018 से काफी हद तक मिलता है। जिसकी सीट टायर और फुल बॉडी तक सब कुछ Identical है। 

चेंजिंग के नाम पर इस स्कूटर में सिर्फ उसका कलर और व्यू मिरर ही बदला नजर आता है। अगर आप Luyuan की वेबसाइट पर जाकर देखेंगे तो Okinawa के सारे स्कूटर की ओरिजिनल पिस आपको वहां दिख जाएंगे। Luyuan अपने स्कूटर में कस्टमर के कंफर्ट के अकॉर्डिंग कस्टमाइजेशन का भी ऑप्शन प्रोवाइड करता है। और दोस्तों Okinawa कि ये स्कूटर सिर्फ उसके कस्टमाइज वर्जन ही लगते हैं। 


इस तरह पिछले काफी समय से Okinawa के सारे स्कूटर्स पर Made In India होने के आरोप लगते आ रहे हैं। यहां तक कि इन आरोपों पर Okinawa के MD जितेंद्र शर्मा ने भी सफाई दी थी जिसमें उन्होंने कहा कि उनके स्कूटर्स के कंपलीट इन हाउस डेवलपमेंट हुई है। और यह सभी इंडिया में ही बनाए गए हैं। 

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सिर्फ यही दो कंपनीज ही नहीं है जिनके ऊपर इस तरह की आरोप लगे हैं, बल्कि 2020 Auto Expo में मौजूद लगभग सभी इलेक्ट्रिक Two-wheeler ब्रांड्स की स्कूटर किसी ना किसी चाइनीज ब्रांड के स्कूटर से मिलते जुलते थे।
 
हालांकि अब ऐसा नहीं है कि भारत में चाइना का माल बेचना इल्लीगल है, लेकिन इस बिजनेस मॉडल में बहुत बड़ा लो फॉल है। अब शायद आपको याद होगा कि भारत में पहले Micromax, Karbonn और Lava जैसे ब्रांड चाइना से ही Parts को इंपोर्ट करके कितने बड़े हो गए थे, लेकिन फिर एक टाइम ऐसा आया कि Xiaomi, Vivo और Oppo जैसे चाइनीज ब्रांड भारत में आए और इतने कम दामों में मोबाइल ऑफर किए, कि इन सभी ब्रांड्स की ही छुट्टी कर दी।
 
और दोस्तों कुछ ऐसा ही EV's स्कुटर्स के साथ भी हो रहा है क्योंकि चाइना अभी हमारे भारत के मार्केट को ऑब्जर्व कर रहा है। और जैसे ही यह अपना ब्रांड डायरेक्टली भारत के मार्केट में उतारेगा, सबकी छुट्टी हो जाएगी क्योंकि डायरेक्ट चाइनीज कंपनी के मुकाबले सिर्फ वही ब्रांड ही खड़े हो पाएंगे जो कि खुद की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के फील्ड में काम कर रहे हैं

और दोस्तों भारत के अंदर Ola Electric, Ather Energy और Ultraviolette Automotive जैसे कुछ 8, 10 ब्रांड्स ही ऐसे हैं जो कि भारत के अंदर सच में अपने products को डेवलप कर रहे हैं और मेरे हिसाब से यह कंपनीज ही आगे चलकर EV Two-wheeler मार्केट को लीड करेंगे और चाइनीज ब्रांड के साथ भिड़ेंगे।

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