जब भी हम किसी नई और एडवांस टेक्नोलॉजी के बारे में सुनते हैं तो हमारे दिमाग में सबसे पहला ख्याल यही आता है कि से Zapan, America या Chaina जैसे डेवलप्ड देशों ने बनाया होगा, लेकिन आज हमारे भारत के पास भी अपनी खुद की एक ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी मौजूद है, जिसे की पूरी दुनिया भर में ही Adopt किया जा रहा है और वह टेक्नोलॉजी है। UPI आज UPI इतना wildly यूज किया जा रहा है कि हर रोज इसके जरिए ₹22 करोड़ से भी ज्यादा की Transaction हो रहे हैं।
इसमें हर छोटे-बड़े Transaction को इतना आसान बना दिया कि गूगल ने भी USA गवर्नमेंट को हमारे UPI जैसे ही एक पेमेंट सिस्टम बनाने की सलाह तक दे डाली। लेकिन क्यों USA भारत की इस टेक्नोलॉजी को कभी भी Adopt नहीं करेगा और UPI 2.O में जो बेहतरीन फीचर्स आने वाले हैं, वह किस तरह से इतिहास रचेंगे। एक-एक करके चलिए सब को जानते है।
तो दोस्तों अगर हम देखे तो इंडिया में UPI को 2016 में ही लांच किया गया था। लेकिन पिछले कुछ सालों में इसके अंदर एक Incredible Growth देखने को मिली है। आज इंडिया में 30 करोड़ लोगों से भी ज्यादा UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं और हर महीने इसके जरिए 10 लाख करोड़ से भी ज्यादा की Transaction होते हैं। लेकिन अब सवाल यह आता है कि इतने कम समय में UPI कि इस जबरदस्त Growth के पीछे की वजह क्या है? असल में इस Growth के पीछे कुछ मेजर रीजंस हैं। जैसे bank-to-bank Transaction यानी कि आप जो भी Transaction करते हैं, वह आपके बैंक अकाउंट से सीधे दूसरे के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है और इसके बीच में किसी भी एजेंट का कोई रोल नहीं होता।
free and fast transaction! यहां आप छोटी से लेकर बड़ी हर तरह की Transactions फ्री में कर सकते हैं। साथ ही इन Transactions को पूरा होने में भी बस कुछ सेकेंड ही लगते हैं और 24 * 7 अवेलेबिलिटी आपको किसी भी Transaction के लिए बैंक ओपन होने का इंतजार नहीं कर वाती, बल्कि UPI के जरिए कोई भी Transaction किसी भी समय किया जा सकता है। तो दोस्तों यह UPI के कुछ ऐसे बेस्ट फीचर्स थे, जो कि वो पिछले कई सालों से ही प्रोवाइड कर रहा है। लेकिन इसे और भी ज्यादा एडवांस और बेहतर बनाने के लिए इसमें कई सारे नए फीचर्स बहुत ही जल्द ऐड किए जाने वाले हैं।
एक्चुअली RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने UPI के नए फीचर्स के बारे में 19 से 22 सितंबर तक चलने वाले Global Fintech Fest में अनाउंस किया था। UPI 2.O के फ्यूचर में सबसे पहला है। UPI लाइट जो कि एक वॉलेट की तरह काम करेगा और इसमें आप मैक्सिमम ₹2000 तक रख सकते हैं। UPI लाइट का फायदा यह होगा कि यहां से आप छोटे-छोटे Transaction कर पाएंगे, जिनकी मैक्सिमम लिमिट ₹200 तक होगी। साथ ही यह Transaction आप बिना किसी इंटरनेट कनेक्शन के भी कर पाएंगे जो कि एक Revolutionary बदलाव है। इसके बाद से दूसरा फीचर है UPI 123 जिसमें आपको बिना स्मार्टफोन और बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी मनी Transaction की सुविधा मिल जाती है।
इसमें आपको अपने फोन से IVR नंबर यानी की Interactive Voice Response पर कॉल करना होगा, जिसके बाद से आपके सामने बहुत सारे ऑप्शंस आ जाएंगे। जैसे पैसे भेजने के लिए एक दबाएं। पैसे मांगने के रिक्वेस्ट के लिए 2 दबाएं। बैलेंस चेक करने के लिए 3 दबाएं और इसी तरह से कई सारे अब आप इनमें से अपनी जरूरत के According कोई भी ऑप्शन चुन सकते हैं। माल लिजिए आपको पैसे सेंड करने हैं तो फिर आप को नंबर वन का ऑप्शन प्रेस करना होगा। उसके बाद से जिस नंबर पर सेंड करना चाहते हैं, उसे एंटर करना होगा। फिर आप को जितना भी अमाउंट सेंड करना है, वो डालना होगा। इसके बाद से पेमेंट को वेरीफाई करने के लिए आपसे UPI पिन एंटर करने के लिए कहा जाएगा और इस तरह से पिन एंटर करने के बाद से आपकी पेमेंट सक्सेसफुल हो जाएगी और दोस्तों यह प्रोसेस इतना आसान है कि कोई भी गांव का अनपढ़ व्यक्ति भी बेहद आसानी से इसका यूज़ कर सकता है।
खैर चलिए अब बढ़ते हैं UPI 2.O के तीसरे फीचर की ओर जोकी है। UPI प्लस क्रेडिट कार्ड यानी कि अब ऐसा सिस्टम आने वाला है कि हम अपने UPI से क्रेडिट कार्ड को भी जोड़ सकते हैं। असल में अब तक हमें UPI से सिर्फ डेबिट कार्ड या फिर बैंक को जोड़ने की ही सुविधा मिलती थी। लेकिन UPI प्लस क्रेडिट कार्ड फीचर क्रेडिट कार्ड Transaction को हद से ज्यादा आसान बना देगा तो दोस्तों यह थे UPI के कुछ बेहतरीन और एडवांस फीचर्स जिन्हें देखने के बाद से बहुत से देशों ने इसे अपनाने का फैसला किया है और इसके लिए कई देशों ने NPCI यानी कि National Payment Corporation Of India के साथ में कॉन्ट्रैक्ट भी साइन की है। NPCI के According आने वाले दिनों में France, Belgium, Luxembourg, Switzerland और Netherlands में UPI Transaction की फैसिलिटी अवेलेबल हो जाएगी।
इसके अलावा पहले से ही UK, UAE, Singapore, Malaysia, Thailand, Hong Kong, South Korea, Japan और Oman जैसे कई बड़े देश हमारे इस UPI सिस्टम को एक्सेप्ट कर चुके हैं, लेकिन एक तरफ जहां पूरी दुनिया में हमारी इस टेक्नोलॉजी की जमकर तारीफ हो रही है और दुनिया के सभी बड़े बड़े देश इसको अपना रहे हैं। वहीं एक देश ऐसा भी है जो कि UPI के बारे में बात तक नहीं कर रहा और वह देश है America लेकिन आखिर ऐसी क्या वजह है? एडवांस टेक्नोलॉजी की फील्ड हमेशा दो कदम आगे रहने वाला USA UPI के खिलाफ है।
असल में देखा जाए तो इसके पीछे कई अलग अलग रीजंस हैं। जिसमें से सबसे पहला और बड़ा रीजन यह है कि USA के फाइनेंशियल मार्केट को वहां की सरकार नहीं बल्कि वहां के Banks और फाइनेंशियल Institutions कंट्रोल करते हैं और इस वजह से गवर्नमेंट अगर कोई ऐसी टेक्नोलॉजी लोगों के बीच में Introduce करें जो कि उन्हीं के फाइनेंशियल सिस्टम को हिलाने का दमखम रखती हो तो ऐसे में यह उनकी बैंक और फाइनेंशियल Institutions के लिए खतरा बन सकता है। असल में UPI के सबसे अच्छी बात यह है। कि इसके जरिए होने वाले Transaction real-time होते हैं और वह भी जीरो कॉस्ट पर और दोस्तों जीरो कॉस्ट ही वह वजह है कि America UPI एडॉप्ट नहीं करना चाहता।
क्योंकि वहां के Banks को इससे अपनी Monopoly खत्म होने का खतरा महसूस हो रहा है। असल में बात यह है कि वहां के लोग अपनी day-to-day Transaction के लिए। फिजिकल कार्ड जैसे कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं और यह फैसिलिटी उन्हें Visa और Mastercard जैसी अमेरिकन Companies ही प्रोवाइड करती है। यह कार्ड कंपनियां हर Transaction के ऊपर Vendor से कमीशन चार्ज करते हैं और यही उनकी कमाई का मुख्य जरिया होता है। ऐसे में अगर UPI जैसे फ्री पेमेंट सिस्टम को America में Introduce कर दिया गया तो फिर यह Mastercard और Visa जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियां पूरी तरह से घाटे में चली जाएंगी।
वैसे अगर हमें USA में bank-to-bank डिजिटल ट्रांजेक्शन की फैसिलिटी देखें तो फिर Federal Reserve Bank के द्वारा बनाई गई न्यू इंस्टेंट पेमेंट सर्विस FadNow इस टाइम काफी चर्चा में है क्योंकि जैसे हम इंडिया के अंदर NEFTऔर RTGS के थ्रू फंड ट्रांसफर करते हैं, वैसे ही सर्विस USA की FadNow भी देती है। लेकिन UPI के सामने इसके बहुत सारे लिमिटेशंस हैं जैसा कि इस मैथड से पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपको सबसे पहले सामने वाले बैंक के मल्टीपल डिटेल्स लेकर भरने पड़ते हैं। जोकि UPI में सिर्फ फोन नंबर के जरिए हो सकता है।
साथ ही इसके अलावा क्यूआर कोड को स्कैन करने जैसी बेहतरीन सुविधा भी आपको FadNow में नहीं मिलती, और FadNow के अंदर इसी तरह के बहुत सारे लिमिटेशंस है। इसके अलावा America के द्वारा UPI को न अपनाने का बड़ा रीजन यह भी है, कि UPI एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है। इसका मतलब यह है कि बैंक चाहे बड़ा हो या छोटा वह बेहद आसानी से खुद को UPI पर रजिस्टर कर सकता है। यानी कि UPI को अगर UAS में अवेलेबल करा दिया गया। तो फिर वहां सभी Banks की ऑनलाइन पेमेंट फैसेलिटीज एक हो जाएंगी।
इन अदर वर्ल्ड छोटे और बड़े बैंक की सर्विस में कोई फर्क रहेगा ही नहीं। ऐसे में JPMorgan Chase बैंक ऑफ AMERICA और सिटीग्रुप जैसे बड़े अमेरिकन Banks को यह डर है, कि अगर UPI वहां पर आ गया तो लोग इन बड़े Banks की जगह पर अपने लोकल बैंक में अकाउंट ओपन करना ही ज्यादा प्रेफर करने लगेंगे। और अगर ऐसा हो गया तो इन Banks को बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा जो कि वह लोग बिल्कुल नहीं चाहते।
अब दोस्तों UPI डिजिटल Transaction करने का एक बेहतरीन ऑप्शन है जिससे कि पूरी दुनिया के ही लोगों को फायदा हो रहा है। लेकिन सिर्फ कुछ बड़ी Companies के फायदे के लिए या फिर उनके दबाव में आकर UAS इसे अपनाने से कतरा रहा है। अब आने वाले समय में America हमारी इस टेक्नोलॉजी को अपनाता है या नहीं या फिर इसके ही जैसे एक नए ऑनलाइन Transaction सिस्टम को वह खुद डेवलप करता है। यह देखना वाकई बहुत दिलचस्प होगा।
बाकी इस पोस्ट में तो बस इतना ही था आपका बहुमूल्य समय देने के लिए। बहुत-बहुत धन्यवाद!

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